अमीर बाप की बेटी का आशिक ग़रीब
ग़रीब बाप के बेटे का खुल गया नसीब
छोरे ने सपना सजाया राजकुमारी ब्याहने का
अमीर बाप खामियाज़ा भरेंगे बेटी के चाहने का
राजकुमारी घर आयेगी रानी बन जाएगी
बेटे की कमाई पूरी ससुराल खाएगी
ससुरजी का कार ओ बार
बीवी का प्यार
1०० रुपये का नोट माँगा था
५०० का मिला यार
अब lottery लगी है तो lifestyle change
लोग आज भी कहते हैं
ऐसे लंगूर से ऐसी हूर कैसे पट गयी
It's so strange.
2 comments:
sahi hai boss!!
hehe.. kya kya sochte rehte ho!
Post a Comment